क्रॉस-कंट्री स्कीइंग क्या है?
कई पेशेवरों का कहना है कि क्रॉस-कंट्री स्कीइंग (जिसे XC स्कीइंग भी कहते हैं) एरोबिक ट्रेनिंग पाने का एक बढ़िया तरीका है। ट्रेनिंग के दौरान पैरों और बाँहों, दोनों की मांसपेशियाँ काम में लगती हैं।
क्रॉस-कंट्री स्कीइंग डाउनहिल स्कीइंग से अलग है। सामान्य स्की आपको स्की ढलान तक सीमित रखती हैं। डाउनहिल स्कीयर के जूते स्की से जुड़े होते हैं। क्रॉस-कंट्री स्कीइंग में सिर्फ़ पैर का अगला हिस्सा स्की से जुड़ा होता है, एड़ी नहीं। इससे आप कई तरह के इलाकों में आगे बढ़ सकते हैं—आप ऊपर चढ़ सकते हैं, नीचे उतर सकते हैं और रास्ते में आने वाली हर तरह की बाधा के इर्द-गिर्द से निकल सकते हैं।
क्रॉस-कंट्री स्कीइंग की शुरुआत बहुत पहले स्कैंडिनेविया में एक जगह से दूसरी जगह जाने के तरीके के रूप में हुई थी। आजकल यह सबसे लोकप्रिय शीतकालीन खेलों में से एक है। इस खेल के लिए खासतौर पर बनाई गई प्राकृतिक और कृत्रिम पटरियों तथा रास्तों की बदौलत आपको दुनिया भर में बहुत-से लोग ट्रेनिंग करते मिल जाएँगे (कई पटरियाँ ऐसी जगहों पर हैं जहाँ बर्फ़ नहीं होती, जैसे पार्कों में, इसलिए आप साल के हर मौसम में भी इसे कर सकते हैं)।
XC स्कीइंग की दो अलग-अलग शैलियाँ हैं—क्लासिक और स्केट स्कीइंग। क्लासिक एक सामान्य शैली है जिसमें आप मानक स्कीइंग तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं जो आपको लगभग हर तरह के इलाके में आगे बढ़ने देती हैं। दूसरी ओर स्केट स्कीइंग एक अधिक गतिशील शैली है, जिसमें स्केटिंग और रोलर स्केटिंग जैसी हलचल का इस्तेमाल होता है। स्केट स्कीइंग आप सिर्फ़ उसी इलाके में कर सकते हैं जो इस तरह के व्यायाम के लिए खास तौर पर तैयार किया गया हो। यह सामान्य शैली से काफ़ी कठिन भी है। इसीलिए इसे किसी प्रशिक्षक के साथ करने की सलाह दी जाती है।